अयोध्या मोदी सुरक्षा पर शहर किले में तब्दील है, जहां पांच परतों की अभेद्य सुरक्षा और कमांडो का पहरा रामनगरी को चौबीसों घंटे निगरानी में रखे हुए है। ध्वजारोहण और मंदिर परिसर के कार्यक्रमों के मद्देनज़र प्रशासन ने सुरक्षा इंतज़ामों को न सिर्फ सख्त किया है, बल्कि उन्हें बहु-स्तरीय और हाई-टेक भी बनाया है।

#अयोध्या में सुरक्षा का माहौल
अयोध्या में पीएम मोदी के आगमन से पहले ही शहर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। मुख्य सड़कों, मंदिर परिसर, घाटों, एयरपोर्ट और शहर की सीमाओं पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को पहले ही रोक लिया जाए। दिल्ली ब्लास्ट जैसी हाल की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से अलर्ट मोड में हैं और चौकसी का स्तर सामान्य से कहीं ज़्यादा ऊंचा रखा गया है।
पांच परतों की सुरक्षा क्या है
पांच-स्तरीय सुरक्षा का मतलब है कि पीएम के आसपास से लेकर पूरे शहर तक सुरक्षा घेरा परत-दर-परत मजबूत किया गया है। सबसे भीतरी घेरा एसपीजी और विशेष कमांडो के हवाले है, जबकि बाहरी घेरों में यूपी पुलिस, एटीएस, पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय इंटेलिजेंस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। हर लेयर पर एंट्री, मूवमेंट और सुरक्षा जांच के अलग-अलग प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, जिससे कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या वाहन आसानी से आगे न बढ़ सके।
कमांडो, स्नाइपर और हाई-टेक निगरानी
शहर में कुल लगभग 7,000 के आसपास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें एटीएस कमांडो, एनएसजी स्नाइपर, साइबर एक्सपर्ट और तकनीकी टीमें शामिल हैं।राम मंदिर परिसर और आस-पास के इलाकों में एंटी-ड्रोन सिस्टम और एडवांस मॉनिटरिंग उपकरण लगाकर हवाई और जमीनी दोनों स्तरों पर नज़र रखी जा रही है। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, फायर यूनिट और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहती हैं।indiatv+2
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शहर की सीमाएं, रूट डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन
पीएम मोदी और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए अयोध्या की सीमाओं पर कड़ी निगरानी के साथ कई जगह रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। गोंडा और अन्य लगी हुई सीमाओं पर हाई अलर्ट है, जहां वाहनों और यात्रियों की गहन चेकिंग, दस्तावेज़ों की जांच और संदिग्धों की तलाशी लगातार जारी है।
मंदिर में प्रवेश करने वाले आम श्रद्धालुओं और विशेष मेहमानों के लिए अलग-अलग सुरक्षा लेन बनाई गई हैं
जिनमें मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे स्कैनर और मैनुअल फ्रिस्किंग के जरिए तीन-स्तरीय जांच की जा रही है।
अयोध्या मोदी सुरक्षा प्रशासन और सरकार की निगरानी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अयोध्या पहुंचकर तैयारियों और सुरक्षा
प्रबंधन की समीक्षा कर चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसपी स्तर से लेकर फील्ड तक, सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की
रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी न रहे।
प्रशासन का प्रयास है कि धर्म ध्वज स्थापना जैसा ऐतिहासिक अवसर पूरी तरह शांतिपूर्ण
, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में सम्पन्न हो, जिससे अयोध्या की धार्मिक गरिमा और
देश की सुरक्षा दोनों की प्रतिष्ठा कायम रहे।