भारत 2030–2040: भारत एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का सपना साकार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव जरूरी हैं। इसी दिशा में अडानी ग्रुप एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। हाल ही में एजेंडा आजतक 2025 में दिए अपने पहले टेलीविजन इंटरव्यू में अडानी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर (एग्रो और ऑयल-गैस) प्रणव अडानी ने ग्रुप की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कैसे अडानी ग्रुप 2030-2040 के दशक में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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अडानी का ट्रांसफॉर्मेटिव विजन
भारत की आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा में अडानी ग्रुप एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। हाल ही में प्रणव अडानी, अडानी एंटरप्राइजेज के कार्यकारी निदेशक, ने भारत के 2030-2040 दशक की रूपरेखा पेश की। उनका विजन है कि अडानी ग्रुप नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्रांति के माध्यम से भारत को वैश्विक पटल पर अग्रणी बनाएगा। प्रणव ने स्पष्ट कहा, “हमारा लक्ष्य भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना है।”
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नवीकरणीय ऊर्जा में क्रांति
प्रणव अडानी के अनुसार, 2030 तक अडानी ग्रुप 45 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करेगा। वर्तमान में 10 गीगावाट से अधिक की क्षमता वाले ग्रुप का फोकस सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर है। 2040 तक यह 100 गीगावाट तक पहुंचेगा, जो भारत की 500 गीगावाट ग्रीन एनर्जी लक्ष्य का बड़ा हिस्सा होगा। गुजरात के मुंद्रा और कच्छ जैसे क्षेत्रों में मेगा प्रोजेक्ट्स से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर का नया युग
अडानी ग्रुप के पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स और रोड प्रोजेक्ट्स देश की रीढ़ बनेंगे। प्रणव ने बताया कि
2030 तक 1,000 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग क्षमता विकसित होगी। मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक
और 7 नए एयरपोर्ट्स जैसे प्रोजेक्ट्स से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 10% घटेगी। 2040 तक हाई-स्पीड
रेल और स्मार्ट सिटीज में निवेश से भारत की GDP ग्रोथ 8-10% सालाना रहेगी।
डिजिटल और ग्रीन हाइड्रोजन क्रांति
प्रणव का जोर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। अडानी डिजिटल लैब्स के जरिए 5G, डेटा सेंटर्स
और AI पर निवेश बढ़ेगा। ग्रीन हाइड्रोजन में भारत को लीडर बनाने के लिए 2030 तक 5 मिलियन
टन उत्पादन का लक्ष्य है, जो एक्सपोर्ट से विदेशी मुद्रा लाएगा।
अडानी ग्रुप का यह विजन न केवल आर्थिक विकास बल्कि सस्टेनेबल फ्यूचर सुनिश्चित करेगा।
प्रणव अडानी की ये योजनाएं भारत को 2040 तक $30 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
क्या आप भी इस ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा बनना चाहेंगे?