भाजपा का नया दांव: तमिलनाडु में TVK के साथ गठबंधन की तैयारी

भाजपा का नया दांव: तमिलनाडु की राजनीति में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। लंबे समय से द्रविड़ पार्टियों के दबदबे वाले इस राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब नई रणनीति अपनाते हुए अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाश रही है। जनवरी 2026 की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तमिलनाडु यात्रा और कोर कमिटी मीटिंग के बाद यह खबरें तेज हो गई हैं कि बीजेपी TVK को एनडीए में शामिल करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। यह दांव बीजेपी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि विजय की अपार लोकप्रियता युवाओं और फैंस के बीच उन्हें मजबूत विकल्प बना सकती है।

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भाजपा का नया दांव: TVK की उभरती ताकत और विजय का करिश्मा

थलापति विजय ने फरवरी 2024 में TVK की स्थापना की और 2026 चुनाव में सभी 234 सीटों पर अकेले लड़ने का ऐलान किया। पार्टी की विचारधारा सेक्युलर सोशल जस्टिस पर आधारित है, जो पेरियार, अंबेडकर और मार्क्सवाद से प्रेरित है। विजय ने शुरू में बीजेपी को “वैचारिक दुश्मन” और डीएमके को “राजनीतिक दुश्मन” करार देते हुए दोनों से गठबंधन साफ इनकार कर दिया था। 2025 में मदुरै सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि TVK किसी गुलाम गठबंधन में नहीं जाएगी।

हालांकि, हाल के महीनों में TVK की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। ओपिनियन पोल्स में TVK को 34-41% वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जो डीएमके (26%) और एनडीए (23%) से आगे है। विजय की फैन बेस, खासकर युवाओं और महिलाओं में, पार्टी को मजबूत आधार दे रही है। कुछ पोल्स तो TVK को 95-105 सीटें जिताने का दावा कर रहे हैं। यह बीजेपी के लिए आकर्षण का बड़ा कारण है, क्योंकि तमिलनाडु में बीजेपी की सीधी पहुंच सीमित है।

बीजेपी की रणनीति: एंटी-डीएमके फ्रंट को मजबूत करना

बीजेपी लंबे समय से तमिलनाडु में पैर जमाने की कोशिश कर रही है। 2024 लोकसभा चुनाव में एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली। अब AIADMK के साथ गठबंधन बहाल है, लेकिन आंतरिक कलह और कमजोर प्रदर्शन से बीजेपी असंतुष्ट है। अमित शाह ने हालिया मीटिंग में सभी एंटी-डीएमके ताकतों को एकजुट करने पर जोर दिया। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी TVK से गठबंधन की गंभीरता से जांच कर रही है। शाह ने AIADMK नेता एडप्पादी पलानीस्वामी से मिलने से इनकार कर यह संदेश दिया कि एनडीए एक पार्टी या नेता तक सीमित नहीं रहेगा।

जनवरी 2026 में TVK ने संकेत दिया कि वह किसी भी पार्टी से गठबंधन के लिए खुले हैं, बशर्ते विजय को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाए। यह बयान बीजेपी के लिए संकेत माना जा रहा है। हालांकि TVK ने पहले कांग्रेस के साथ वैचारिक समानता की बात की, लेकिन बीजेपी विजय की डीएमके-विरोधी स्टैंड का फायदा उठाना चाहती है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि करूर स्टैम्पेड के बाद भी बीजेपी ने TVK से संपर्क किया था।

चुनौतियां और विरोध

TVK की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। विजय ने बार-बार बीजेपी को फासीवादी और

विभाजनकारी बताया है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के कारण गठबंधन मुश्किल है।

डीएमके ने TVK को बीजेपी की “सी टीम” करार दिया है। AIADMK भी TVK के साथ बीजेपी के गठबंधन

से नाराज हो सकती है, क्योंकि इससे उनका स्पेस कम हो सकता है।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति मजबूत है, जहां बीजेपी को हिंदुत्व की वजह से स्वीकार्यता कम है।

विजय की सेक्युलर इमेज बीजेपी के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन वैचारिक टकराव बड़ा रोड़ा है।

2026 का चुनावी समीकरण

तमिलनाडु में चुनाव अब चार कोणीय हो सकता है: डीएमके-led SPA, AIADMK-BJP NDA,

TVK और छोटी पार्टियां। अगर TVK बीजेपी से जुड़ती है, तो एंटी-डीएमके वोट एकजुट हो सकते हैं।

विजय की युवा अपील और बीजेपी की संगठन क्षमता मिलकर डीएमके को चुनौती दे सकती है।

पोंगल (14 जनवरी) तक ग्रैंड अलायंस का फ्रेमवर्क तैयार होने की बात है।

बीजेपी का यह दांव सफल होता है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन एक बात साफ है –

विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति को नया रंग दे दिया है। 2026 में बड़ा उलटफेर हो सकता है!

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