यूपी वृद्धावस्था पेंशन योजना 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा का साधन है। यह योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें। 2026 में इस योजना में कई सुधार हुए हैं, जिनसे लाखों बुजुर्गों को सीधा फायदा पहुंच रहा है।

इस लेख में हम योजना की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और नवीनतम अपडेट पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
यूपी वृद्धावस्था पेंशन योजना 2026 क्या है?
उत्तर प्रदेश की वृद्धावस्था पेंशन योजना (जिसे पुरानी पेंशन योजना या वृद्धा पेंशन भी कहा जाता है) राज्य सरकार द्वारा संचालित एक कल्याणकारी कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक आयु के आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को मासिक पेंशन देकर उनकी सम्मानजनक जीवनशैली सुनिश्चित करना है। यह योजना एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY-UP) के माध्यम से चलाई जाती है। पहले यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का हिस्सा थी, लेकिन अब राज्य स्तर पर इसे और मजबूत बनाया गया है।
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पात्रता मानदंड: कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं। ये मानदंड इस प्रकार हैं:
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आर्थिक स्थिति: परिवार की वार्षिक आय गरीबी रेखा से नीचे होनी चाहिए (आमतौर पर BPL श्रेणी में आने वाले परिवार)।
- निवास: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- अन्य शर्तें: आवेदक किसी सरकारी पेंशन या अन्य बड़ी आर्थिक सहायता योजना का लाभार्थी न हो। साथ ही, आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता अनिवार्य है।
- परिवारिक नियम: योजना में हर पात्र परिवार से एक या अधिक बुजुर्ग लाभ ले सकते हैं, लेकिन सत्यापन के बाद ही।
2026 में पात्रता जांच को और सख्त किया गया है, ताकि केवल जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचे।
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योजना के लाभ: बुजुर्गों को कितनी मदद मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1000 रुपये की पेंशन सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यह राशि तिमाही या वार्षिक आधार पर भी जमा हो सकती है, लेकिन मुख्य रूप से मासिक भुगतान होता है।
- कुल वार्षिक सहायता: 12,000 रुपये प्रति लाभार्थी।
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भुगतान, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
- 2026 तक राज्य में करीब 67 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से जुड़े हुए हैं।
यह राशि बुजुर्गों की दवाइयों, भोजन और अन्य दैनिक खर्चों में बड़ी राहत प्रदान करती है।
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आवेदन प्रक्रिया: कैसे करें अप्लाई?
2026 में आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया गया है। अब कई मामलों में बिना फॉर्म भरे ही पेंशन शुरू हो जाती है। यहां स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया दी गई है:
- ऑनलाइन आवेदन:
- आधिकारिक वेबसाइट sspy-up.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “वृद्धावस्था पेंशन” सेक्शन में जाएं।
- “ऑनलाइन आवेदन” या “नया पंजीकरण” पर क्लिक करें।
- आवश्यक विवरण भरें: नाम, आयु, आधार नंबर, बैंक डिटेल्स आदि।
- दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।
- ऑफलाइन आवेदन:
- निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) या ब्लॉक कार्यालय से फॉर्म लें।
- फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और जमा करें।
- आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र या मतदाता पहचान पत्र)
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी
- BPL राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- नया अपडेट: 2025 के अंत में कैबिनेट निर्णय के अनुसार, अब 60 वर्ष पूरा होते ही कई पात्र बुजुर्गों को ऑटोमैटिक पेंशन शुरू हो जाती है। आधार और परिवार डेटा से होती है, जिससे फॉर्म भरने की जरूरत कम हो गई है।
आवेदन के बाद स्टेटस चेक करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें।
2026 की नई अपडेट और बदलाव
- लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि: 2025 में 9.83 लाख नए बुजुर्ग जुड़े, कुल संख्या 67.50 लाख के पार।
- ऑटोमैटिक एनरोलमेंट: 60 साल होते ही पेंशन शुरू करने की सुविधा, डिजिटल मॉनिटरिंग से।
- बजट प्रावधान: 2025-26 बजट में वृद्धावस्था पेंशन के लिए 8,105 करोड़ रुपये आवंटित।
- पेंशन राशि में संभावित बढ़ोतरी: कुछ रिपोर्ट्स में 500 रुपये की वृद्धि की चर्चा है (1000 से 1500 रुपये तक), लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
- सत्यापन अभियान: अपात्रों की पेंशन रोकी जा रही है, ताकि सही लोगों तक लाभ पहुंचे।
- भुगतान नियमित: तिमाही भुगतान जारी, कई जिलों में एरियर भी क्लियर किए गए।
ये बदलाव योगी सरकार की बुजुर्ग कल्याण नीति का हिस्सा हैं।