इंडोनेशिया का बड़ा कदम: बाली – दुनिया का सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन – एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां लोकल अथॉरिटीज ने Airbnb जैसी शॉर्ट-टर्म रेंटल सर्विसेज पर बैन लगाने का प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन इंडोनेशिया सरकार ने इस पर सख्त ऐतराज जताया है। ये विवाद बाली की बढ़ती टूरिज्म प्रॉब्लम्स को आईना दिखा रहा है – जहां एक तरफ पर्यटकों की भारी भीड़ से लोकल कल्चर और इकोनॉमी खतरे में है, वहीं दूसरी तरफ Airbnb जैसी कंपनियां करोड़ों का बिजनेस चला रही हैं। आखिर ये प्रस्ताव क्या है, और सरकार क्यों विरोध कर रही है?

इंडोनेशिया का बड़ा कदम: बाली में Airbnb बैन का प्रस्ताव: बैकग्राउंड और वजहें
बाली के लोकल गवर्नमेंट ने हाल ही में एक बिल पेश किया, जिसमें विला, होमस्टे और अपार्टमेंट्स को शॉर्ट-टर्म (कम से कम 3 दिन) रेंटल के लिए बैन करने की बात कही गई है। वजहें साफ हैं – अनकंट्रोल्ड टूरिज्म से लोकल रेजिडेंट्स परेशान हो चुके हैं।
- ट्रैफिक और ओवरक्राउडिंग: बाली की सड़कें पर्यटकों से जाम, बीच और होटल्स ओवरलोडेड।
- हाउसिंग क्राइसिस: लोकल लोग घर किराए पर देने से अपना रहना मुश्किल हो गया।
- कल्चरल डैमेज: पार्टी कल्चर और अनियमित व्यवहार से बाली की ट्रेडिशनल लाइफस्टाइल खतरे में।
- इनकम लॉस: होटल्स और रेस्टोरेंट्स को Airbnb से कॉम्पिटिशन का सामना।
लोकल अथॉरिटीज का कहना है कि ये बैन लगने से टूरिज्म को रेगुलेटेड तरीके से प्रमोट किया जा सकेगा, और लोकल इकोनॉमी मजबूत होगी।

सरकार का सख्त विरोध: आर्थिक हितों की रक्षा
इंडोनेशिया की सेंट्रल गवर्नमेंट ने इस प्रस्ताव पर तुरंत ब्रेक लगा दिया। पर्यटन मंत्री ने साफ कहा, “ये बैन बाली की इकोनॉमी को
झटका देगा।” क्यों? क्योंकि:
- टूरिज्म GDP का 5%: बाली से सालाना 10 मिलियन पर्यटक आते हैं, जिनमें से लाखों Airbnb यूज करते हैं।
- जॉब्स खतरे में: होमस्टे ओनर्स, क्लीनर्स, ड्राइवर्स – लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है।
- ग्लोबल इमेज: बैन से बाली को ‘अनफ्रेंडली’ टैग लग सकता है, जो थाईलैंड या वियतनाम को फायदा पहुंचाएगा।
- रेवेन्यू लॉस: टैक्स और फीस से सरकार को करोड़ों की कमाई।
सरकार अब एक मिडिल पाथ सुझा रही है – स्ट्रिक्ट रेगुलेशन्स जैसे लाइसेंसिंग, टैक्स बढ़ाना और जोनिंग (केवल स्पेसिफिक
एरियाज में शॉर्ट-टर्म रेंटल)।
इंडोनेशिया का बड़ा कदम Airbnb और टूरिस्ट्स की क्या कहानी?
Airbnb ने बयान जारी कर कहा, “हम लोकल रूल्स का पालन करेंगे, लेकिन बैन से होस्ट्स और गेस्ट्स दोनों प्रभावित होंगे।
” प्लेटफॉर्म पर बाली में 20,000+ लिस्टिंग्स हैं, जो लोकल होमस्टे को ग्लोबल मार्केट देती हैं।
पर्यटकों के लिए ये झटका है। बजट ट्रैवलर्स विला और प्राइवेट पूल वाली प्रॉपर्टीज पसंद करते हैं। बैन लगा तो होटल
रेट्स आसमान छू लेंगे, और बाली की अपील कम हो जाएगी।
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ग्लोबल परिप्रेक्ष्य: क्या ये ट्रेंड बनेगा?
ये विवाद अकेला नहीं। न्यूजीलैंड, बार्सिलोना, अम्स्टर्डम जैसी जगहों ने Airbnb पर रेस्ट्रिक्शन्स लगाई हैं। लेकिन
बाली का केस यूनिक है – क्योंकि यहां टूरिज्म ही लाइफलाइन है। अगर बैन लगा, तो ये ‘ओवरटूरिज्म’ के खिलाफ
ग्लोबल मिसाल बनेगा। हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टोटल बैन से ज्यादा स्मार्ट सॉल्यूशंस जैसे डिजिटल टैक्स
, कैप ऑन लिस्टिंग्स और कम्युनिटी फंड बेहतर।
आगे की राह: बैलेंस कैसे बनाएं?
इंडोनेशिया सरकार अब बाली अथॉरिटीज से मीटिंग कर रही है। संभावित सॉल्यूशंस:
- लाइसेंसिंग सिस्टम: सिर्फ रजिस्टर्ड प्रॉपर्टीज को अनुमति।
- टैक्स हाइक: Airbnb से ज्यादा रेवेन्यू लोकल डेवलपमेंट में।
- सस्टेनेबल टूरिज्म: पर्यटक लिमिट, इको-फ्रेंडली रूल्स।
- लोकल बेनिफिट: होस्ट्स को ट्रेनिंग और इंश्योरेंस।
बाली को बचाने के लिए बैलेंस जरूरी है – पर्यटकों को वेलकम रखें, लेकिन लोकल्स की जिंदगी न बिगाड़ें।
ये विवाद दिखाता है कि टूरिज्म का ‘गोल्डन गूज’ कहीं ‘गोल्डन कर्व’ न बन जाए। अब देखना है,
सरकार का फाइनल फैसला क्या आता है!