Bihar Election 2025: बिहार की सियासत आज अपने अहम दौर में है, जब दूसरे चरण की वोटिंग ने पूरे प्रदेश का माहौल हाई-वोल्टेज बना दिया है। इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है और मतदाताओं का जोश आसमान छू रहा है।

हर इलाका राजनीतिक दृष्टि से खास है और हर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
Bihar Election 2025: जनता का उत्साह और बढ़ता मतदान
सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें यह दिखा रही हैं कि जनता इस बार पूरी तैयारी से मतदान
करने आई है। मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि युवाओं और महिलाओं का उत्साह
पिछली बार से कहीं अधिक है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं और शांति पूर्ण मतदान के लिए
हर बूथ पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
तेजस्वी यादव पर सबकी निगाहें
इस चरण में कई बड़े चेहरे मैदान में हैं, जिनकी राजनीतिक किस्मत आज लगभग तय हो जाएगी। महागठबंधन
और एनडीए दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। रैलियों से लेकर रोड
शो तक, हर दल ने लोगों तक अपनी बात पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
तेजस्वी यादव इस चरण में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले नेताओं में हैं क्योंकि उनकी सभाओं में भीड़ लगातार
बढ़ती जा रही है। उन्होंने युवाओं, किसानों और बेरोजगारी के मुद्दे को केंद्र में रखकर जनता से सीधा संवाद किया
है। उनका कहना है कि बिहार को नई दिशा चाहिए और वे परिवर्तन के लिए तैयार हैं।
सत्ता पक्ष की रणनीति और दावे
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता विकास, स्थिरता और कानून व्यवस्था को अपना प्रमुख विषय बनाए हुए हैं।
दोनों डिप्टी सीएम ने अपने अपने क्षेत्रों में ताबड़तोड़ सभाएं की हैं और जनता को यह एहसास दिलाने की कोशिश
की है कि सरकार ने ठोस काम किए हैं। इनका दावा है कि बिहार अब विकास के रास्ते पर है और इसे आगे
बढ़ाना जरूरी है।
महिलाएं और युवा कर रहे हैं निर्णायक वोटिंग
महिलाओं की भागीदारी इस बार पिछले चुनावों से काफी बढ़ी है। कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें
यह दिखा रही हैं कि वे अब सिर्फ मौन मतदाता नहीं रहीं। उनसे बातचीत में एक सामान्य भाव यह सुनाई दे रहा है
कि वे विकास और सुरक्षा के आधार पर वोट कर रही हैं।
युवाओं की भूमिका इस बार बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि बेरोजगारी अब भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है। कॉलेजों
और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से स्पष्ट है कि युवा उम्मीदवारों की विश्वसनीयता को सबसे ज्यादा आंक रहे
हैं। कई पहली बार वोट डालने वाले मतदाता लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।
निर्णायक चरण मान रहे राजनीतिक विश्लेषक
राजनीतिक पंडित इस चरण को पूरे चुनाव का सबसे निर्णायक मान रहे हैं। वजह यह है कि इन 18 जिलों के परिणाम
सरकार बनाने की दिशा तय कर सकते हैं। हर दल यहां अपनी रणनीति के हिसाब से जातीय, क्षेत्रीय और मुद्दा आधारित
राजनीति का संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।
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कई सीटें ऐसी हैं जहां सीधा मुकाबला दो दलों के बीच है, जबकि कुछ सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल
रहा है। छोटे दलों और निर्दलीयों की उपस्थिति ने भी बड़े दलों की गणित को चुनौती दी है। मतदाताओं की चुप्पी
ने विश्लेषकों को उलझन में डाल दिया है क्योंकि कोई स्पष्ट लहर दिखाई नहीं दे रही।
Bihar Election 2025: नतीजों का इंतजार और भविष्य की दिशा
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या इस चरण के नतीजे आगे का रुझान तय करेंगे।
अगर किसी गठबंधन को बढ़त मिलती है, तो उसका असर अगले चरणों पर भी गहराई से पड़ेगा। कई
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार नतीजे बेहद कड़े मुकाबले में तय होंगे।
शाम होते-होते मतदान समाप्त होगा और सभी निगाहें ईवीएम पर टिक जाएंगी। नेताओं की किस्मत अब
जनता के फैसले पर निर्भर है। बिहार फिलहाल एक निर्णायक मोड़ पर है, जहां यह तय होगा कि अगले पांच
वर्षों तक सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।