केरल स्थानीय निकाय चुनाव: केरल में स्थानीय निकाय चुनाव 2025 की मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है और शुरुआती रुझानों में रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। दो चरणों (9 और 11 दिसंबर) में हुए इन चुनावों में 1,199 स्थानीय निकायों के लिए वोट डाले गए थे, जिनमें ग्राम पंचायतें, ब्लॉक पंचायतें, जिला पंचायतें, नगरपालिकाएं और 6 महानगर निगम शामिल हैं। कुल वोटर टर्नआउट 73.69% रहा, जो 1995 के बाद सबसे ज्यादा है। मतगणना 244 केंद्रों पर चल रही है और कई जगहों पर LDF, UDF और NDA के बीच कांटे की टक्कर है।

मतगणना की शुरुआत और शुरुआती रुझान
मतगणना पोस्टल बैलेट से शुरू हुई और फिर EVM की बारी आई। राज्य चुनाव आयोग के शुरुआती ट्रेंड्स में सत्तारूढ़ LDF (CPI(M) नेतृत्व वाला) ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत दिख रहा है, जबकि UDF (कांग्रेस नेतृत्व वाला) शहरी इलाकों और नगर निगमों में आगे है। NDA (BJP नेतृत्व वाला) ने कुछ जगहों पर सरप्राइज दिया है, खासकर राजधानी तिरुवनंतपुरम में।
शुरुआती घंटों में:
- ग्राम पंचायतों में LDF कई जगह लीड कर रहा था, लेकिन UDF ने तेजी से पकड़ा।
- नगरपालिकाओं में UDF की बढ़त साफ दिख रही है।
- महानगर निगमों में मिक्स्ड ट्रेंड्स: तिरुवनंतपुरम में NDA और LDF के बीच नेक-टू-नेक फाइट, जबकि कोची, त्रिशूर और कन्नूर में UDF आगे।
एक घंटे की गिनती के बाद LDF ने पंचायतों में लीड ली, लेकिन NDA की शुरुआती बढ़त कम हो गई। कई सीटों पर मार्जिन बहुत कम है, जिससे रोमांच बना हुआ है।
केरल स्थानीय निकाय चुनाव प्रमुख फ्रंट्स का प्रदर्शन
- LDF (Left Democratic Front): ग्रामीण पंचायतों में मजबूत पकड़।
- शुरुआती ट्रेंड्स में 300+ ग्राम पंचायतों में लीड। कोझिकोड निगम में राहत, लेकिन शहरी क्षेत्रों में पिछड़ रहा।
- UDF (United Democratic Front): शहरों और नगरपालिकाओं में दबदबा।
- 4 निगमों में लीड की संभावना। त्रिशूर में UDF की मजबूत वापसी, जहां ‘सुरेश गोपी वेव’ नहीं चली।
- NDA (National Democratic Alliance): तिरुवनंतपुरम निगम में सरप्राइज लीड, कई वार्डों में आगे। शुरुआत में मोमेंटम था, लेकिन बाद में कम हुआ। शोरानूर नगरपालिका में LDF से कड़ी टक्कर।
कई जगहों पर ट्राइएंगुलर कंटेस्ट है, जिससे इंडिपेंडेंट्स और लोकल इश्यूज भी असर डाल रहे हैं।
हाईलाइट्स: कांटे की टक्कर वाली जगहें
- तिरुवनंतपुरम महानगर निगम: NDA और LDF के बीच नेक-टू-नेक।
- शुरुआत में NDA आगे था, लेकिन LDF ने पकड़ लिया। UDF भी कुछ वार्ड जीत चुका।
- त्रिशूर निगम: UDF की क्लियर लीड, LDF को झटका।
- कोची और कन्नूर: UDF मजबूत।
- पालक्कड़ और अन्य: कुछ नगरपालिकाओं में NDA की अच्छी फाइट।
- ग्राम पंचायतों में LDF-UDF के बीच टाइट कंटेस्ट, कई जगह मार्जिन 100 वोटों से कम।
चुनाव का महत्व
ये चुनाव 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल जैसे हैं। 2020 में LDF ने बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन इस
बार UDF की वापसी और NDA की लोकल गेन से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। वोटरों ने लोकल इश्यूज जैसे
डेवलपमेंट, корруп्शन और वेलफेयर स्कीम्स पर फोकस किया। मतगणना दोपहर तक पूरी होने की उम्मीद है।
नए चुने गए सदस्य 21 दिसंबर को शपथ लेंगे। जैसे-जैसे रुझान बदल रहे हैं, केरल की राजनीति में नया रोमांच जुड़
गया है। अंतिम परिणाम आने पर साफ होगा कि कौन सा फ्रंट लोकल लेवल पर मजबूत हुआ।