Samuhik Vivah Yojana 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए एक अद्भुत तोहफा है। इस योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल जोड़ों को प्रति जोड़ा ₹1 लाख की वित्तीय सहायता सीधे खाते में मिलती है। सत्र 2025-26 (जिसे सामूहिक विवाह योजना 2026 के नाम से जाना जा रहा है) में यह राशि बढ़ाकर और अधिक परिवारों तक पहुंचाई जा रही है।

इस लेख में हम आपको पूरी जानकारी देंगे – योजना का उद्देश्य, पात्रता, लाभ की डिटेल, आवेदन प्रक्रिया, स्टेटस चेक करने का तरीका और जरूरी टिप्स। यह गाइड आपको हर स्टेप पर सहायता करेगी ताकि आप इस शानदार अवसर का पूरा फायदा उठा सकें।
सामूहिक विवाह योजना क्या है और क्यों है खास?
यह योजना 2017 से चल रही है, जिसका मुख्य मकसद गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से कराना है। साथ ही, फिजूलखर्ची रोकना, सामाजिक सद्भाव बढ़ाना और विभिन्न धर्म-समुदायों के रीति-रिवाजों का सम्मान करना। पहले राशि ₹51,000 थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति जोड़ा कर दिया गया है। इसमें नकद राशि, विवाह सामग्री और आयोजन खर्च शामिल हैं। योजना से विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं का भी विवाह कराया जाता है। हर साल हजारों जोड़े इस योजना से जुड़कर खुशहाल जीवन शुरू करते हैं।
योजना के तहत मिलने वाला लाभ
प्रति जोड़े कुल ₹1 लाख की सहायता दी जाती है, जिसमें:
- दुल्हन के बैंक खाते में सीधे नकद ट्रांसफर (घरेलू स्थापना के लिए)।
- विवाह सामग्री जैसे कपड़े, बर्तन, गहने आदि के लिए राशि।
- सामूहिक आयोजन के खर्च के लिए अलग से प्रावधान। यह राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से सीधे खाते में आती है। न्यूनतम 10 जोड़ों का सामूहिक कार्यक्रम अनिवार्य है, जो जिला स्तर पर आयोजित होता है।
पात्रता के प्रमुख नियम
लाभ लेने के लिए ये शर्तें जरूरी हैं:
- जोड़ा उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
- दुल्हन की उम्र कम से कम 18 वर्ष और दूल्हे की 21 वर्ष।
- परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख तक (पहले ₹2 लाख थी, अब बढ़ाई गई)।
- सभी वर्ग (SC/ST/OBC/सामान्य/अल्पसंख्यक) के परिवार पात्र।
- पहली शादी हो या विधवा/परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला का पुनर्विवाह।
- आधार लिंक बैंक खाता अनिवार्य।
- सामूहिक कार्यक्रम में भाग लेना जरूरी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन आसान बनाने के लिए ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें:
- दुल्हन और दूल्हे का आधार कार्ड।
- आय प्रमाण पत्र।
- निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड/वोटर आईडी आदि)।
- उम्र प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र/मार्कशीट)।
- बैंक पासबुक (दुल्हन के नाम)।
- विवाह न होने का प्रमाण पत्र (पहली शादी के लिए)।
- पासपोर्ट साइज फोटो (जोड़े की)।
- यदि विधवा/तलाकशुदा तो संबंधित प्रमाण पत्र।
सामूहिक विवाह योजना में आवेदन कैसे करें? (स्टेप बाय स्टेप)
आवेदन मुख्य रूप से ऑफलाइन या जिला स्तर पर होता है, लेकिन कुछ पोर्टल्स पर रजिस्ट्रेशन उपलब्ध:
- निकटतम समाज कल्याण कार्यालय या ब्लॉक/जिला पंचायत में जाएं।
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और भरें।
- सभी दस्तावेज संलग्न करें।
- फॉर्म जमा करें और रसीद लें।
- चयनित जोड़ों को सामूहिक कार्यक्रम के लिए सूचित किया जाता है। ऑनलाइन अपडेट के लिए समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट या संबंधित पोर्टल चेक करें। कार्यक्रम जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होते हैं।
आवेदन स्टेटस और पेमेंट कैसे चेक करें?
- जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।
- चयन सूची जिला वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर लगाई जाती है।
- पेमेंट अप्रूवल के बाद PFMS या बैंक स्टेटमेंट से चेक करें। समस्या होने पर हेल्पलाइन या जनसुनवाई पोर्टल का उपयोग करें।
आम समस्याएं और बचाव के उपाय
आवेदन रिजेक्ट होने के मुख्य कारण:
- दस्तावेज अधूरे या गलत।
- आय सीमा से अधिक।
- उम्र की शर्त न पूरी होना। बचाव: सभी जानकारी दोबारा जांचें, आधार और बैंक लिंक सुनिश्चित करें। समय पर आवेदन करें ताकि कार्यक्रम में जगह मिले।