राशन कार्ड हर परिवार की रसोई का आधार होता है, खासकर जब बात मुफ्त या सस्ते अनाज की हो। लेकिन 2025 में लाखों
राशन कार्ड धारकों को एक झटका लगा है – उनके कार्ड रद्द हो रहे हैं या नाम कट रहे हैं। केंद्र सरकार की ई-केवाईसी (E-
KYC) प्रक्रिया के बावजूद यह समस्या क्यों? क्या आपका नाम भी खतरे में है? इस लेख में हम राशन कार्ड रद्द होने के कारण
2025 पर गहराई से चर्चा करेंगे, ई-केवाईसी के बाद भी नाम कटने के 5 बड़े कारण बताएंगे और ऑनलाइन अपडेट की स्टेप
-बाय-स्टेप गाइड देंगे।

अगर आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभ ले रहे हैं, तो यह जानकारी आपके
लिए बेहद जरूरी है। चलिए, समझते हैं कि आखिर यह सब क्यों हो रहा है।
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राशन कार्ड ई-केवाईसी 2025: पृष्ठभूमि और महत्व
2025 में राशन कार्ड से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया को केंद्र सरकार ने और सख्त कर दिया है। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट
के तहत 80 करोड़ से ज्यादा लोग मुफ्त राशन का लाभ लेते हैं, लेकिन फर्जीवाड़े और पुरानी डिटेल्स की वजह से सिस्टम में
खामियां आ गई थीं। सरकार ने 2024 के अंत से ही ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया, जिसकी डेडलाइन कई बार बढ़ाई गई
– पहले 31 दिसंबर 2024, फिर मार्च 2025 और अब जून 2025 तक। इसका मकसद राशन वितरण को पारदर्शी बनाना
है, ताकि सही जरूरतमंद तक पहुंचे।
ई-केवाईसी आधार कार्ड से लिंकिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और डेटा अपडेट पर आधारित है। लेकिन कई राज्यों जैसे झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 30-66 लाख कार्ड धारकों का अभी भी ई-केवाईसी पेंडिंग है, जिससे नाम कटने की आशंका बढ़ गई है। अब सवाल यह है – ई-केवाईसी करने के बाद भी नाम क्यों कट रहा है? आइए, 5 प्रमुख कारणों पर
नजर डालें।
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ई-केवाईसी के बाद भी नाम कटने के 5 सबसे बड़े कारण
ई-केवाईसी एक कदम है, लेकिन पूरी प्रक्रिया में कई लिंक होते हैं। अगर कोई चूक हो, तो कार्ड रद्द हो सकता है।
यहां 2025 के आंकड़ों के आधार पर टॉप 5 कारण हैं:
- आय सीमा से ऊपर जाना (Income Threshold Exceed): कई परिवारों की सालाना आय अब NFSA की सीमा (ग्रामीण क्षेत्र में ₹1.5 लाख, शहरी में ₹2 लाख) से ज्यादा हो गई है। ई-केवाईसी के दौरान ITR या बैंक स्टेटमेंट चेक होता है। अगर आय ज्यादा पाई गई, तो नाम कट जाता है। 2025 में 20% मामलों में यही कारण रहा।
- डुप्लिकेट या फर्जी एंट्रीज का पता चलना (Duplicate/Fraudulent Entries): एक ही व्यक्ति का नाम दो कार्डों पर मिलना या मृतक सदस्यों की एंट्री बायोमेट्रिक से मैच न करना। सरकार ने 2025 में डेटाबेस क्लीनअप ड्राइव चलाई, जिसमें 15% कार्ड रद्द हुए।
- आधार सीडिंग में त्रुटि या अपडेट न होना (Aadhaar Seeding Errors): ई-केवाईसी के बावजूद अगर आधार नंबर गलत सीड हो या नाम/जन्मतिथि मिसमैच हो, तो सिस्टम रिजेक्ट कर देता है। तकनीकी गड़बड़ियों से 25% केस प्रभावित हुए।
- परिवार के सदस्य की मृत्यु या स्थानांतरण न रिपोर्ट करना (Unreported Death/Migration): मृत सदस्य का नाम न हटाना या माइग्रेशन के बाद अपडेट न करना। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऐसे 10 लाख नाम कटे।
- तकनीकी या प्रक्रियागत देरी (Technical/Process Delays): ई-पॉश मशीन की खराबी, नेटवर्क इश्यू या डीलर की लापरवाही। कई राज्यों में 30% ई-केवाईसी रिजेक्ट हुए क्योंकि वेरिफिकेशन 6 महीने बाद चेक होता है।
ये कारण बताते हैं कि ई-केवाईसी सिर्फ फॉर्मैलिटी नहीं, बल्कि निरंतर अपडेट की जरूरत है।
राशन कार्ड ई-केवाईसी ऑनलाइन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर आपका ई-केवाईसी पेंडिंग है या नाम कटने का डर है, तो चिंता न करें। 2025 में प्रक्रिया को और आसान बनाया
गया है। दो तरीके हैं – ऑनलाइन और ऑफलाइन। यहां ऑनलाइन स्टेप्स:
| स्टेप | विवरण | जरूरी टिप |
|---|---|---|
| 1 | nfsa.gov.in पर जाएं या mKYC ऐप डाउनलोड करें। | मोबाइल नंबर और आधार OTP के लिए तैयार रखें। |
| 2 | ‘राशन कार्ड’ सेक्शन में ‘ई-केवाईसी’ चुनें। | राशन कार्ड नंबर एंटर करें। |
| 3 | आधार नंबर लिंक करें और OTP वेरिफाई करें। | अगर लिंक नहीं, तो पहले UIDAI साइट पर सीड करें। |
| 4 | बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) अपलोड करें। | वेबकैम या मोबाइल कैमरा यूज करें। |
| 5 | फॉर्म सबमिट करें और स्टेटस चेक करें। | 7-10 दिनों में SMS आएगा। |
ऑफलाइन: नजदीकी राशन दुकान पर ई-पॉश मशीन से कराएं। अगर नाम कटा है, तो स्थानीय खाद्य कार्यालय में अपील
करें – आधार, निवास प्रमाण और आय प्रमाण के साथ।
रद्द होने से बचाव के उपाय: क्या करें?
- नियमित चेक: हर 6 महीने में nfsa.gov.in पर स्टेटस देखें।
- डॉक्यूमेंट अपडेट: परिवार में बदलाव (जन्म/मृत्यु) तुरंत रिपोर्ट करें।
- जागरूकता: लोकल डीलर या हेल्पलाइन 1967 पर संपर्क करें।
- विशेष राहत: गलती से नाम कटे तो ‘गिव-अप’ रिवर्सल स्कीम यूज करें।
निष्कर्ष: समय रहते अपडेट रखें, लाभ सुरक्षित रखें
2025 में राशन कार्ड रद्द होने का दौर भ्रष्टाचार रोकने और सिस्टम को मजबूत बनाने का प्रयास है। ई-केवाईसी के बाद भी
नाम कटने के ये 5 कारण – आय बदलाव से लेकर तकनीकी खामियों तक – बताते हैं कि सतर्कता कितनी जरूरी है। लाखों
परिवारों को मुफ्त राशन का हक छिनने से बचाने के लिए सरकार प्रयासरत है, लेकिन जिम्मेदारी आपकी भी है। आज ही ई-
केवाईसी अपडेट करें, ताकि आपकी रसोई कभी खाली न रहे। एक पारदर्शी सिस्टम ही सच्ची भोजन सुरक्षा सुनिश्चित करेगा
– इसमें हम सबका योगदान चाहिए।