Gorakhnath overbridge inauguration: गोरखनाथ ओवरब्रिज का सीएम योगी करेंगे लोकार्पण, 137.83 करोड़ की परियोजना से बदलेगा शहर का ट्रैफिक

Gorakhnath overbridge inauguration: गोरखपुर शहर के निवासियों और यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 दिसंबर 2025 को शहर के व्यस्ततम मार्ग पर बने नए गोरखनाथ ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे।

Gorakhnath overbridge inauguration
Gorakhnath overbridge inauguration: गोरखनाथ ओवरब्रिज का सीएम योगी करेंगे लोकार्पण, 137.83 करोड़ की परियोजना से बदलेगा शहर का ट्रैफिक

यह परियोजना 137.83 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है और इससे गोरखनाथ मंदिर, सोनौली रोड तथा नेपाल जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

Gorakhnath overbridge inauguration परियोजना की पूरी डिटेल्स

यह नया ओवरब्रिज धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर स्थित है, जो लखनऊ-गोरखपुर रेलवे लाइन के ऊपर बना है। रेलवे क्रॉसिंग संख्या 162ए पर पहले से एक पुराना ओवरब्रिज मौजूद है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक लोड के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समानांतर नया ब्रिज बनाया गया। उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने इसकी निर्माण कार्यदायी संस्था के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

ब्रिज की लंबाई 600.653 मीटर है, जिसमें रेलवे भाग 76 मीटर का है। चौड़ाई 7.50 मीटर रखी गई है, जो दो लेन की है। यह पुराने ब्रिज के बगल में बना है, जिससे अब इस मार्ग पर दो ओवरब्रिज हो जाएंगे। इससे वाहनों का आवागमन दोगुना सुगम हो जाएगा।

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ट्रैफिक और यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?

गोरखनाथ मंदिर मार्ग गोरखपुर का सबसे व्यस्त रूट है। यहां से गोरखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालु, सोनौली बॉर्डर होते हुए नेपाल जाने वाले यात्री और शहर के उत्तर-पश्चिमी इलाके के लोग रोजाना गुजरते हैं। पुराने ब्रिज पर अक्सर लंबा जाम लगता था, खासकर पीक ऑवर्स में। नए ब्रिज के खुलने से:

  • जाम की समस्या कम होगी।
  • नेपाल बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी बेहतर बनेगी।
  • मकर संक्रांति से शुरू होने वाले खिचड़ी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
  • शहर के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र जैसे हुमायूंपुर, रामगढ़ और आसपास के इलाकों में आवागमन आसान हो जाएगा।

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निर्माण की पृष्ठभूमि

शहर की आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने से पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव पड़ रहा था। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर यह परियोजना शुरू हुई, जो अब पूरी हो चुकी है। यह गोरखपुर के विकास में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जहां पहले से ही एक्सप्रेसवे, फोरलेन रोड और अन्य ब्रिजों का जाल बिछाया जा रहा है।

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भविष्य की योजनाएं

इस ब्रिज के साथ गोरखपुर में कई अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स भी चल रहे हैं, जैसे नकहा और बरगदवा क्षेत्र में नए ओवरब्रिज।

इससे पूरा शहर एक आधुनिक ट्रैफिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

निष्कर्ष

गोरखनाथ ओवरब्रिज का लोकार्पण गोरखपुर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा,

बल्कि धार्मिक पर्यटन, नेपाल कनेक्टिविटी और रोजमर्रा की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा। मुख्यमंत्री योगी की यह सौगात

शहरवासियों के जीवन को आसान बनाने वाली है। आने वाले खिचड़ी मेले और त्योहारों में इसका पूरा फायदा दिखेगा।

गोरखपुर अब तेजी से एक विकसित शहर की ओर बढ़ रहा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्राथमिकता पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. गोरखनाथ ओवरब्रिज का लोकार्पण कब और किसके द्वारा होगा? 19 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा।

2. इस परियोजना की लागत कितनी है? 137.83 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 138 करोड़ का उल्लेख)।

3. नया ओवरब्रिज कहां स्थित है? धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर, रेलवे क्रॉसिंग 162ए के पास, पुराने ब्रिज के समानांतर।

4. इस ब्रिज से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा? गोरखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, नेपाल यात्रियों और शहर के उत्तर-पश्चिमी इलाकों के निवासियों को। खिचड़ी मेले में भी बड़ी राहत मिलेगी।

5. ब्रिज की लंबाई और चौड़ाई कितनी है? लंबाई 600.653 मीटर (रेलवे भाग 76 मीटर), चौड़ाई 7.50 मीटर (दो लेन)।

6. क्या पुराना ब्रिज अभी भी इस्तेमाल होगा? हां, अब दो ब्रिज होने से ट्रैफिक को दोनों पर बांटा जाएगा, जिससे जाम कम होगा।

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