सफर पर ब्रेक: दिल्ली-NCR में सर्दी का मौसम शुरू होते ही कोहरा और प्रदूषण ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट से आज 129 उड़ानें रद्द हो गईं, जबकि दर्जनों देरी से उड़ीं। खराब दृश्यता और AQI 400 से ऊपर पहुंचने से हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है।

सफर पर ब्रेक: कोहरे का कहर और प्रदूषण की मार
दिसंबर का महीना दिल्ली में हमेशा कोहरे का आतंक लाता है, लेकिन इस बार प्रदूषण ने इसे और घातक बना दिया। सुबह की घनी चादर ने विजिबिलिटी को 50 मीटर तक गिरा दिया, जिससे लैंडिंग और टेकऑफ असंभव हो गया। IGI एयरपोर्ट ने CAT IIIB इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम का सहारा लिया, लेकिन फिर भी 129 फ्लाइट्स कैंसल करनी पड़ीं। दिल्ली का AQI 450 के पार पहुंचा, जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में है। सड़कों पर ट्रैफिक जाम, मेट्रो में भीड़ और अब हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया। एक पैसेंजर ने लिखा, “दोस्त की शादी के लिए आना था, फ्लाइट कैंसल। अब क्या करें?” इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने रिफंड और रीशेड्यूलिंग की पेशकश की, लेकिन हजारों लोग परेशान।
यात्रियों की बेचैनी और आर्थिक नुकसान
IGI दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है, जहां रोजाना 1300 से ज्यादा उड़ानें होती हैं। 129 कैंसलेशन से करोड़ों का नुकसान हुआ। दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अंतरराष्ट्रीय रूट्स प्रभावित। यात्री घंटों टर्मिनल पर फंसे, खाने-पीने की दिक्कत। कुछ ने ट्रेन या बस का सहारा लिया, लेकिन वो भी फुल। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे और खराब मौसम की चेतावनी दी है।
सरकार ने GRAP-4 लागू किया, जिसमें निर्माण बंद, स्कूलों में छुट्टी और वाहनों पर पाबंदी।
लेकिन प्रदूषण पर काबू नहीं। पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन और फैक्ट्रियां मुख्य वजहें। विशेषज्ञ कहते हैं,
विंटर में इनवर्जन लेयर कोहरा और स्मॉग को नीचे धकेल देती है।
Read more Artical: असम में बड़ा ट्रेन हादसा
पिछले सालों की यादें और सबक
2024 में भी दिल्ली में 100 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हुई थीं। हर साल यही तमाशा।
2017 के रिकॉर्ड 156 कैंसलेशन को पार करने की कगार पर। एविएशन मिनिस्ट्री ने
एयरलाइंस को अलर्ट किया, लेकिन मौसम के आगे सब लाचार। सलाह: यात्रा से पहले
FAA NOTAM चेक करें, वैकल्पिक प्लान रखें। मास्क पहनें, बाहर कम निकलें।
समाधान की राह
दिल्ली को साफ हवा चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाएं, मेट्रो विस्तार करें, ग्रीन कॉरिडोर बनाएं।
एयरपोर्ट पर बेहतर रडार और ट्रेनिंग जरूरी। GRAP सख्ती से लागू हो। लंबे समय में, पेड़ लगाएं,
फैक्ट्रियां शिफ्ट करें। तब तक, सफर पर ब्रेक लगेगा।