डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती: गोरखपुर अंबेडकर पार्क में धूमधाम से मनी डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती, संत गाडगे समिति ने किया भव्य आयोजन

डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती

डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती: अंबेडकर जयंती गोरखपुर में अंबेडकर पार्क हडहवा फाटक पर संत गाडगे पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सामाजिक एकता और सम्मान का संदेश दिया गया जिसने सभी को प्रेरित किया।

14 अप्रैल 2026 को गोरखपुर के हडहवा फाटक स्थित अम्बेडकर पार्क में डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। संत गाडगे पूर्वांचल सेवा समिति उत्तर प्रदेश की टीम ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर समिति के सदस्यों ने एकत्र होकर बाबा साहब के विचारों और योगदान को याद किया।

कार्यक्रम सुबह से शुरू हुआ। समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय सदस्यों ने पार्क पहुंचकर सबसे पहले बाबा साहब की प्रतिमा को साफ किया। इसके बाद फूलों के हार चढ़ाए गए और पुष्पांजलि दी गई। पूरे आयोजन के दौरान शांत और गंभीर माहौल रहा। सदस्यों ने बाबा साहब के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी साझा कीं, जिनमें शिक्षा, समानता और संविधान निर्माण के मुद्दे प्रमुख थे।

Read More Article: गोरखपुर लिंगानुपात 2026: 1000 पुरुषों पर सिर्फ 829 महिलाएं, खजनी सबसे पीछे

डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती: कार्यक्रम की मुख्य जानकारी (टेबल)

क्रमांकविवरणजानकारी
1तिथि14 अप्रैल 2026
2स्थानअम्बेडकर पार्क, हडहवा फाटक, गोरखपुर
3आयोजकसंत गाडगे पूर्वांचल सेवा समिति, उत्तर प्रदेश
4मुख्य गतिविधिमाल्यार्पण और पुष्पांजलि
5प्रतिमाडॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा
6उपस्थितिसमिति के पदाधिकारी और स्थानीय सदस्य
7उद्देश्यबाबा साहब के योगदान को याद करना और सम्मान देना

यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी बिना किसी भव्यता के, लेकिन पूरी निष्ठा के साथ आयोजित किया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि वे हर साल इसी पार्क में जयंती मनाते हैं क्योंकि यहां बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित है और स्थानीय लोग आसानी से पहुंच सकते हैं।

Read More Article: Aadhaar Card New Document Rules 2026: UIDAI ने बदले आधार अपडेट के नियम, जानें कौन-से नए दस्तावेज होंगे जरूरी

बाबा साहब का योगदान और जयंती का महत्व

डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत रत्न प्राप्त करने वाले पहले दलित नेता थे। उन्होंने देश के संविधान को लिखने में अहम भूमिका निभाई। उनकी जयंती को समानता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। गोरखपुर जैसे शहर में ऐसे कार्यक्रमों से नए पीढ़ी को उनके सिद्धांतों से जोड़ा जाता है। संत गाडगे पूर्वांचल सेवा समिति पिछले कई सालों से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के काम करती आ रही है। इस समिति का फोकस पुरवांचल क्षेत्र के पिछड़े वर्गों पर रहता है, इसलिए बाबा साहब की जयंती उनके लिए खास मौका होता है।

कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने कहा कि बाबा साहब का संदेश आज भी प्रासंगिक है। शिक्षा लेना, अधिकारों के लिए लड़ना और समाज में भेदभाव खत्म करना – ये बातें हर आयु वर्ग के लिए जरूरी हैं। पार्क में मौजूद कुछ स्थानीय लोग भी कार्यक्रम देखने पहुंचे और उन्होंने भी पुष्पांजलि में शामिल होने की इच्छा जताई।

Read More Article: UPPCL New Connection Rate 2026: घर बनवा रहे हैं? पहले जान लें बिजली कनेक्शन का असली खर्च, वरना बजट बिगड़ जाएगा

निष्कर्ष: डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जयंती

डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती का यह छोटा लेकिन अर्थपूर्ण कार्यक्रम गोरखपुर के अम्बेडकर पार्क हडहवा फाटक में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संत गाडगे पूर्वांचल सेवा समिति ने साबित किया कि सच्ची श्रद्धांजलि भव्य आयोजन में नहीं बल्कि निष्ठा और याद में होती है। ऐसे कार्यक्रम समाज को एकजुट रखने और बाबा साहब के सपनों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp Join Whatsapp Group