गोरखपुर लिंगानुपात 2026: 1000 पुरुषों पर सिर्फ 829 महिलाएं, खजनी सबसे पीछे

गोरखपुर लिंगानुपात 2026

गोरखपुर लिंगानुपात 2026: गोरखपुर में लिंगानुपात में गिरावट चिंता का विषय बन गई है, जहां 1000 पुरुषों के मुकाबले अब केवल 829 महिलाएं ही रह गई हैं। खासकर खजनी क्षेत्र में महिला वोटरों की संख्या सबसे कम दर्ज की गई है। यह आंकड़े समाज में बढ़ते लैंगिक असंतुलन की ओर इशारा करते हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट, कारण और इसके सामाजिक प्रभाव से जुड़ी अहम जानकारी।

गोरखपुर लिंगानुपात 2026
#गोरखपुर लिंगानुपात 2026

गोरखपुर जिले में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी नई वोटर लिस्ट में लिंगानुपात की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिले में अब 1000 पुरुष मतदाताओं पर मात्र 829 महिला मतदाता हैं। साल 2024 की तुलना में यह आंकड़ा और गिरा है। खजनी विधानसभा क्षेत्र में तो स्थिति सबसे खराब है, जहां यह अनुपात मात्र 790 तक पहुंच गया है।

गोरखपुर लिंगानुपात 2026: नई वोटर लिस्ट के मुख्य आंकड़े

विशेष मतदाता पुनरीक्षण के बाद जिले में कुल पुरुष मतदाता 17,73,929 और महिला मतदाता 14,71,316 रह गए हैं। इससे साफ होता है कि महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी कम है।

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विधानसभा क्षेत्रवार लिंगानुपात (1000 पुरुष पर महिलाएं)

विधानसभा क्षेत्रलिंगानुपात (महिलाएं)इलेक्टर पॉपुलेशन रेशियो (%)
गोरखपुर शहर89476.48
खजनी79060 से नीचे
पिपराइच60 से नीचे
चौरीचौरा60 से नीचे
बांसगांव60 से नीचे
चिल्लूपार60 से नीचे
सहजनवां60 से नीचे
कैंपियरगंज55.61 (सबसे कम)

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नोट: ग्रामीण क्षेत्रों में औसत लिंगानुपात 859 है।

क्यों गिर रहा है लिंगानुपात?

  • ग्रामीण इलाकों में बेटी बचाओ अभियान के बावजूद जागरूकता की कमी
  • पुरानी सामाजिक सोच और लिंग-चयन संबंधी गलत प्रथाएं
  • महिला मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में कम दर्ज होना
  • शहरी क्षेत्रों में बेहतर पंजीकरण लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उपेक्षा

प्रशासन ने अनंतिम सूची के बाद महिलाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था, लेकिन नतीजे अभी भी संतोषजनक नहीं हैं।

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विधानसभा क्षेत्रों में नाम कटने और जुड़ने के आंकड़े

चिल्लूपार में सबसे ज्यादा नाम कटे (87,246), वहीं खजनी में भी 84,993 नाम हटाए गए। कई क्षेत्रों में नए मतदाताओं को जोड़ा गया, लेकिन कुल मिलाकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सफलता सीमित रही।

निष्कर्ष

गोरखपुर में लिंगानुपात का गिरना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। 1000 पुरुषों पर 829 महिलाएं जैसे आंकड़े भविष्य में सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकते हैं। खजनी जैसे क्षेत्रों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है। सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाना होगा। महिला मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने के प्रयास लगातार जारी रखने चाहिए ताकि लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ सके।

FAQ: गोरखपुर लिंगानुपात और महिला मतदाता

1. गोरखपुर जिले में वर्तमान लिंगानुपात क्या है? 1000 पुरुष मतदाताओं पर 829 महिला मतदाता (2026 SIR लिस्ट के अनुसार)।

2. 2024 की तुलना में कितना गिरावट आई है? 2024 में 859 था, जो अब 829 रह गया है।

3. खजनी विधानसभा क्षेत्र में लिंगानुपात कितना है? सबसे कम – 790 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष।

4. जिले में कुल महिला मतदाता कितनी हैं? 14,71,316।

5. शहरी क्षेत्रों की स्थिति कैसी है? गोरखपुर शहर में सबसे अच्छा – 894 लिंगानुपात और 76.48% इलेक्टर पॉपुलेशन रेशियो।

6. ग्रामीण क्षेत्रों में औसत लिंगानुपात क्या है? 859।

7. सबसे कम इलेक्टर पॉपुलेशन रेशियो वाला क्षेत्र कौन सा है? कैंपियरगंज – 55.61%।

8. नाम कटने की सबसे ज्यादा घटना कहां हुई? चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में 87,246 नाम कटे।

9. लिंगानुपात सुधारने के लिए क्या किया जा रहा है? प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन और ज्यादा प्रयास की जरूरत है।

10. इस आंकड़े का समाज पर क्या असर हो सकता है? सामाजिक असंतुलन, विवाह संबंधी समस्याएं और महिलाओं की सुरक्षा चिंता बढ़ सकती है।

यह जानकारी विशेष मतदाता पुनरीक्षण 2026 की आधिकारिक सूची पर आधारित है। लिंगानुपात सुधारने के लिए हर स्तर पर जागरूकता और कार्रवाई जरूरी है।

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