बैंकॉक से भारत: गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग ने न केवल 25 लोगों की जान ली, बल्कि क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार घोषित कर दिया। हादसे के ठीक कुछ घंटों बाद दोनों भाई दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट (6E 1073) से फुकेट (थाईलैंड) भाग गए। लेकिन अब, नई जानकारी के मुताबिक, उनकी वापसी का सफर शुरू हो चुका है। थाईलैंड से बैंकॉक होते हुए भारत लौटने की प्रक्रिया तेज हो गई है। आइए जानते हैं इस सफर की पूरी कहानी और नई अपडेट्स।

बैंकॉक से भारत: हादसा और फरार होने का क्रम
6 दिसंबर की रात, गोवा के अरपोरा स्थित क्लब में ‘फायर शो’ के दौरान आग लगी। क्लब में 150 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें पर्यटक और स्टाफ शामिल थे। आग की सूचना 12:04 बजे मिली, लेकिन लूथरा ब्रदर्स पहले ही दिल्ली में थे। सूत्रों के अनुसार, आग लगने के महज 1 घंटे 17 मिनट बाद, यानी रात 1:17 बजे, दोनों ने फुकेट के लिए टिकट बुक कर ली। सुबह 5:30 बजे वे दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भर चुके थे। गोवा पुलिस ने 7 दिसंबर को लुकआउट सर्कुलर जारी किया और उनके पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए।
फुकेट पहुंचने के बाद दोनों एक लग्जरी होटल में छिपे रहे। इंटरपोल की मदद से ब्लू
कॉर्नर नोटिस जारी हुआ, जिसके आधार पर थाई पुलिस ने 10 दिसंबर को उन्हें होटल
रूम से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें उनके हाथ बंधे हुए
दिख रहे हैं। पुलिस ने बताया कि एक भाई के पास ब्रिटेन का लॉन्ग-टर्म वीजा था,
लेकिन दोनों ने साथ भागने का फैसान लिया।
बैंकॉक से भारत का सफर: नई अपडेट्स
11 दिसंबर को थाई अदालत में पेशी के बाद उनकी डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू हो गई।
पासपोर्ट सस्पेंड होने के कारण उन्हें इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ी,
जो भारतीय दूतावास बैंकॉक में जारी करेगा। फुकेट से उन्हें बैंकॉक के इमीग्रेशन डिटेंशन
सेंटर ले जाया गया, जहां 2 दिन तक रखा जाएगा। यहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी
होंगी,जैसे वीजा कैंसलेशन और भारतीय अधिकारियों को सौंपना।
नई जानकारी के मुताबिक:
- 12 दिसंबर अपडेट: CBI की टीम बैंकॉक पहुंच चुकी है। थाई पुलिस उन्हें फुकेट से बैंकॉक ले गई है। बैंकॉक के डॉन मुआंग एयरपोर्ट से दिल्ली की फ्लाइट में एस्कॉर्ट किया जाएगा। थाई इंटरपोल और पुलिस उनके साथ होंगे।
- समयसीमा: 2-3 दिनों में भारत पहुंच सकते हैं। दिल्ली से गोवा ले जाया जाएगा। गोवा पुलिस की टीम तैयार है, जो उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करेगी।
- देरी का कारण: वीकेंड होने से औपचारिकताएं रुक सकती हैं। अगर सोमवार तक सर्टिफिकेट जारी होता है, तो मंगलवार तक भारत में होंगे।
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भारत-थाईलैंड प्रत्यर्पण संधि (2013) के तहत यह डिपोर्टेशन आसान हुआ,
क्योंकि आरोपों में कम से कम 5 साल की सजा का प्रावधान है (गैर-इरादतन हत्या)।
गोवा CM प्रमोद सावंत ने कहा, “वे जल्द लाए जाएंगे और गिरफ्तार होंगे।”
अदालती और जांच अपडेट
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने 11 दिसंबर को उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
वकील तनवीर मीर ने कहा, “वे काम के सिलसिले में थाईलैंड गए थे, भागे नहीं।” लेकिन कोर्ट ने कहा
कि वे जांच से भाग रहे थे। जांच में पता चला कि क्लब में 42 शेल कंपनियां एक ही दिल्ली एड्रेस पर
रजिस्टर्ड हैं, जो फर्जी लगती हैं। क्लब का पंचायत लाइसेंस एक्सपायर था, और फायर शो बिना अनुमति का था।
अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार: अजय गुप्ता (सह-मालिक), भरत कोहली (ऑपरेशंस हेड) आदि।
लूथरा ब्रदर्स पर आरोप: लापरवाही, गैर-इरादतन हत्या, और जांच में गुमराह करना।
क्या हैं नई जानकारी और सवाल?
नई रिपोर्ट्स बताती हैं कि आग लगने से 4 दिन पहले दोनों दुबई से लौटे थे। परिवार दिल्ली में शादी में था।
क्या यह पूर्वनियोजित था? जांच में पता चला कि क्लब में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई।
पीड़ित परिवार मुआवजे की मांग कर रहे हैं। लूथरा ब्रदर्स का साम्राज्य दिल्ली से शुरू हुआ,
लेकिन अब यह ध्वस्त होने की कगार पर है।
यह मामला न केवल गोवा की नाइटलाइफ को प्रभावित कर रहा है,
बल्कि पर्यटन और सुरक्षा नियमों पर सवाल उठा रहा है।
लूथरा ब्रदर्स की वापसी से जांच तेज होगी। क्या वे जमानत पाएंगे या सलाखों के पीछे रहेंगे? समय बताएगा।