तेलंगाना ठिठुरा: 12 दिसंबर 2025 की सुबह तेलंगाना के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। हैदराबाद सहित पूरे राज्य में पारा लुढ़ककर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हैदराबाद का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो दिसंबर महीने में पिछले 50 सालों का सबसे कम तापमान है। पिछले रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1974 में 12 दिसंबर को 8.1°C दर्ज हुआ था। यानी इस बार पुराना रिकॉर्ड टूट गया और वो भी करारे अंदाज़ में!
लेकिन सिर्फ हैदराबाद ही नहीं ठिठुरा। आदिलाबाद में पारा 4.8°C, निजामाबाद में 5.6°C, करीमनगर में 6.1°C, वारंगल में 7.0°C और मेडक में 5.9°C तक गिर गया। ग्रामीण इलाकों में तो कई जगहों पर घास पर पाला (frost) जमता दिखाई दिया। सुबह 6 बजे के बाद भी धूप निकलने में घंटों लग गए और कोहरा इतना घना था कि 200-300 मीटर से ज्यादा कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था।

तेलंगाना ठिठुरा क्यों आई इतनी कड़ाके की ठंड?
मौसम वैज्ञानिक इसे दो बड़े कारण बता रहे हैं:
- उत्तर भारत से आ रही बर्फीते हफ्ते की वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद ठंडी हवाएँ दक्षिण तक पहुँच गईं।
- लगातार साफ आसमान और हवा का रुकना (calm wind condition)। जब रात में हवा नहीं चलती और आसमान बिल्कुल साफ रहता है, तो जमीन की गर्मी अंतरिक्ष में तेजी से निकल जाती है। नतीजा – रिकॉर्डतोड़ ठंड!
तेलंगाना में दिसंबर-जनवरी में सामान्य तापमान 12-15°C के बीच रहता है। इस बार एकदम से 7°C तक गिरावट ने सबको चौंका दिया है।
READ MORE ARCTICEL: NDA/CDS 2026: युवाओं के लिए बड़ा मौका, आवेदन की अंतिम तारीख घोषित
लोगों का हाल-बेहाल
- सड़कों पर सुबह 8 बजे तक भी सन्नाटा। जो लोग निकले, वो तीन-तीन स्वेटर,
- मफलर, मंकी कैप और दस्ताने पहने दिखे।
- ऑटो और कैब ड्राइवर अलाव जलाकर हाथ सेंकते नजर आए।
- स्कूल बसें लेट हुईं क्योंकि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने में ही घंटा लग गया।
- सब्जी मंडियों में टमाटर, भिंडी जैसी नाजुक सब्जियाँ ठंड से काली पड़ गईं।
- किसानों को लाखों का नुकसान का अनुमान।
- अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, अस्थमा और जोड़ों के दर्द के मरीज अचानक बढ़ गए।

तेलंगाना ठिठुरा: आने वाले दिनों का हाल
IMD का कहना है कि अगले 4-5 दिन तक ठंड से राहत नहीं मिलेगी। 16 दिसंबर तक रात का तापमान 7-9°C के
बीच रह सकता है। उसके बाद हल्की गर्मी लौटने की उम्मीद है, लेकिन जनवरी के पहले हफ्ते में फिर एक बार ठंडा
स्पेल आने की संभावना है।
क्या करें, कैसे बचें?
- सुबह 9 बजे से पहले बाहर न निकलें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग।
- गर्म कपड़ों की परतें (layering) पहनें – एक मोटा स्वेटर से बेहतर है तीन पतले।
- गरम पेय पिएं – अदरक वाली चाय, काली चाय, सूप, काढ़ा।
- कमरे में हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करें, लेकिन आग से सावधान रहें।
- किसान भाई रात में फसलों पर पानी का छिड़काव करें या
- पॉलीहाउस का इस्तेमाल करें।
तेलंगाना को भले ही कभी “ठंडा राज्य” न कहा जाता था, लेकिन इस बार की ठंड ने साबित कर दिया कि
यहाँ भी हिमाचल-राजस्थान वाली सिहरन पैदा हो सकती है! पुराने लोग कह रहे हैं, “इतनी ठंड तो 70 के
दशक में भी नहीं पड़ी थी।” अब तो बस यही दुआ है कि सूरज देवता जल्दी मेहरबान हों और तेलंगाना फिर
से अपनी गर्मजोशी वापस पा ले। तब तक – स्वेटर, रजाई और गरम चाय आपका बेस्ट फ्रेंड है!