कोहरे की गिरफ्त: 13 दिसंबर 2025। बिहार इस वक्त कोहरे और कड़ाके की ठंड की दोहरी मार झेल रहा है। पटना का न्यूनतम तापमान आज सुबह 6.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो पिछले 40 सालों में दिसंबर के दूसरे हफ्ते का सबसे कम तापमान है। लेकिन पटना अकेला नहीं है। गया में 5.1°C, भागलपुर में 6.4°C, पूर्णिया में 5.9°C, मुजफ्फरपुर में 6.2°C और वैशाली-समस्तीपुर के ग्रामीण इलाकों में तो पारा 4-5 डिग्री तक चला गया। कई जगहों पर घास पर सफेद पाला जम गया और सुबह-सुबह।
कोहरा इतना घना है कि दिन के 11 बज रहे हैं, फिर भी विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम है। पटना-रांची हाइवे, NH-31, NH-19 पर गाड़ियाँ रेंग रही हैं। हेडलाइट जलाकर भी ड्राइवर 20-30 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड नहीं रख पा रहे। कल रात से अब तक बिहार में कोहरे की वजह से 40 से ज्यादा छोटे-बड़े एक्सीडेंट हो चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर सुबह 10 बजे तक 12 फ्लाइट्स डिले और 4 कैंसिल हो चुकी हैं।

ठंड इतनी क्यों पड़ रही?
मौसम विभाग के वैज्ञानिक बता रहे हैं:
- हिमालय से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएँ (Western Disturbance के बाद) मैदानी इलाकों तक पहुँच गई हैं।
- लगातार साफ आसमान और शांत हवा की वजह से रात में रेडिएटिव कूलिंग (radiative cooling) बहुत तेजी से हो रहा है।
- गंगा के मैदानों में नमी ज्यादा होने से घना कोहरा बन रहा है, जो दिन में भी धूप नहीं निकलने दे रहा।
नतीजा – दिन का तापमान भी 16-18°C तक सिमट गया है। सामान्य से 7-8 डिग्री कम!
कोहरे की गिरफ्त लोगों की मुसीबतें दोगुनी
- सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे तीन-तीन स्वेटर और मफलर लपेटकर भी ठिठुरते दिख रहे।
- रिक्शा-ठेला चलाने वाले मजदूर अलाव के इर्द-गिर्द घंटों बैठे रहते हैं।
- पटना के गांधी मैदान, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर में सुबह 9 बजे तक सन्नाटा पसरा रहता है।
- सब्जी और फसलें बर्बाद – आलू, टमाटर, फूलगोभी, मटर की फसल पर पाला पड़ने से किसानों का नुकसान करोड़ों में।
- अस्पतालों में निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और जोड़ों के दर्द के मरीजों की लाइन लगी है।
रेलवे सबसे ज्यादा प्रभावित
कोहरे की वजह से बिहार की 70% से ज्यादा ट्रेनें 4 से 12 घंटे लेट चल रही हैं। राजधानी, संपर्क क्रांति, विक्रमशिला जैसी बड़ी ट्रेनें भी 8-10 घंटे पीछे हैं। प्लेटफॉर्म पर यात्री रात भर रजाई ओढ़कर इंतजार करते दिखे। रेलवे ने 25 जोड़ी ट्रेनें 31 जनवरी तक कैंसिल कर दी हैं।

आगे और सख्त सर्दी!
IMD का ताजा पूर्वानुमान डराने वाला है:
- 13 से 18 दिसंबर तक रात का तापमान 5-8°C के बीच रह सकता है।
- 15-16 दिसंबर को गया, औरंगाबाद, नवादा में पारा 4°C तक जा सकता है।
- 20 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ आने से हल्की बारिश हो सकती है,
- जिसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में फिर एक बड़ा कोल्ड वेव स्पेल आने की आशंका।
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कोहरे की गिरफ्त बचाव के आसान उपाय
- सुबह 10 बजे से पहले बाहर न निकलें।
- गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें – थर्मल इनर जरूरी।
- अदरक-तुलसी-काली मिर्च का काढ़ा, गरम सूप, गुड़ वाली चाय पिएं।
- अलाव जलाते वक्त कार्बन मोनोऑक्साइड से सावधान रहें – कमरे में न जलाएँ।
- किसान भाई रात में फसलों पर पानी का हल्का छिड़काव करें या धुआँ करें।
बिहार को भले ही “गर्म प्रदेश” कहा जाता हो, लेकिन इस बार की सर्दी ने साबित कर दिया कि यहाँ भी साइबेरिया जैसी ठिठुरन
आ सकती है। पुराने लोग कह रहे हैं, “इतनी ठंड तो 1980-90 के दशक में भी नहीं पड़ी थी।”बस अब तो यही दुआ है कि मकर
संक्रांति तक सूरज देवता पूरी ताकत से चमकें और बिहार फिर से अपनी गर्मजोशी लौटा ले। तब तक – रजाई, हीटर और गरम
चाय आपका सबसे बड़ा साथी है!