G RAM G Bill 2025: संसद के शीतकालीन सत्र में ग्रामीण रोजगार से जुड़े विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 (संक्षेप में VB-G RAM G बिल या जी राम जी बिल) को दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई है। लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी देर रात ध्वनिमत से इसे पास कर दिया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे मनरेगा का अपमान बताते हुए जोरदार विरोध किया।

बिल पास होने के बाद टीएमसी, कांग्रेस और अन्य इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर
आधी रात से 12 घंटे का धरना शुरू कर दिया।
G RAM G Bill 2025: बिल पास होने की पूरी घटनाक्रम
18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में बिल पेश होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने सदन में नारे लगाए, बिल की
प्रतियां फाड़ीं और वॉकआउट किया। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब देते हुए कहा कि यह बिल ग्रामीण
गरीबों के हित में है और मनरेगा की कमियों को दूर करेगा।
लोकसभा से पास होने के बाद राज्यसभा में देर रात तक चर्चा चली। विपक्ष ने बिल को स्टैंडिंग कमिटी में भेजने की मांग की,
लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। आखिरकार, 19 दिसंबर की सुबह राज्यसभा से भी बिल पास हो गया।
विपक्ष का मुख्य आरोप है कि बिल से महात्मा गांधी का नाम हटाकर अपमान किया गया है और केंद्र की फंडिंग हिस्सेदारी
कम करने से राज्यों पर बोझ बढ़ेगा। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया, जबकि कांग्रेस नेता
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह गरीबों के खिलाफ है।
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धरने की झलकियां
बिल पास होने के तुरंत बाद विपक्षी सांसद संविधान सदन की सीढ़ियों पर बैठ गए। टीएमसी ने 12 घंटे का धरना आयोजित
किया, जिसमें डेरेक ओ’ब्रायन, सुष्मिता देव, सागरिका घोष जैसे नेता शामिल हुए। बैनरों पर लिखा था – “मनरेगा को मत मारो
जैसे गांधी जी को मारा”।
धरना सुबह तक चला और विपक्ष ने देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। कांग्रेस और अन्य दलों ने भी समर्थन दिया, पूरा परिसर
नारों से गूंजता रहा।
बिल में क्या बदलाव हैं?
यह बिल मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन का अकुशल मजदूरी रोजगार गारंटी देगा (पहले
100 दिन थे)। मुख्य फोकस टिकाऊ संपत्ति निर्माण पर है – जैसे जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रा और आजीविका।
केंद्र की फंडिंग हिस्सेदारी में बदलाव और डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था है। सरकार का दावा है कि यह विकसित भारत
2047 के विजन से जुड़ा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
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विपक्ष क्यों विरोध कर रहा है?
विपक्ष का कहना है कि गांधी जी का नाम हटाना अपमान है, फंडिंग कम होने से योजना कमजोर पड़ेगी और बिना कमिटी जांच के बिल
पास करना तानाशाही है। कई सांसदों ने इसे गरीब विरोधी बताया और सड़कों पर लड़ाई लड़ने की बात कही।
निष्कर्ष: G RAM G Bill 2025
VB-G RAM G बिल 2025 ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला है, लेकिन इसके पास होने का तरीका और प्रावधान
विवादास्पद बने हुए हैं। विपक्ष का आधी रात धरना लोकतंत्र में असहमति की मजबूत आवाज दिखाता है।
अब बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा, और इसका असर ग्रामीण भारत पर लंबे समय तक रहेगा। सरकार इसे विकास की गारंटी बता
रही है, जबकि विपक्ष गरीबों के अधिकारों पर हमला। आने वाले दिन बताएंगे कि यह योजना कितनी सफल होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. VB-G RAM G बिल 2025 क्या है?
यह मनरेगा की जगह आने वाली नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जो 125 दिन रोजगार और टिकाऊ विकास
पर फोकस करती है।
2. बिल कब और कैसे पास हुआ?
18 दिसंबर को लोकसभा, 19 दिसंबर देर रात राज्यसभा से ध्वनिमत से पास हुआ, विपक्ष के हंगामे के बीच।
3. विपक्ष ने धरना क्यों किया?
गांधी जी का नाम हटाने, फंडिंग कम करने और बिना जांच के पास करने के विरोध में, संविधान सदन
के बाहर 12 घंटे धरना।
4. नए बिल में रोजगार कितने दिन का होगा?
ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन की गारंटी (मनरेगा में 100 दिन थे)।
5. क्या मनरेगा पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
हां, यह बिल मनरेगा को रिप्लेस करेगा, लेकिन नई योजना में कई सुधार हैं।
6. विपक्ष की अगली योजना क्या है?
देशव्यापी आंदोलन और सड़कों पर विरोध की घोषणा की गई है।